SEO for Beginners in Hindi: कम्पलीट SEO Tutorial हिंदी में

हेल्लो फ्रेंड्स मै हूँ गोविन्द eclassmate से और हम आप के लिए SEO फॉर बिगिनर्स की सीरीज ले कर आये है। इस पोस्ट में आप SEO के बारे में बहुत ही महत्वपूर्ण बातों को जानेंगे। इस सीरीज में हमारा मुख्य फोकस SEO प्रोसेस को कैसे एक्सेक्यूट करे। तो पोस्ट को एन्ड तक देखिएगा जिससे कोई इनफार्मेशन मिस न हो। फ्रेंड्स ये आर्टिकल बस नाम से बिगिनर्स के लिए है लेकिन इसका यूज़ करके आप अपने वेबसाइट पर फ्री ट्रैफिक ला सकते है।

तो बिना समय बर्बाद किये चलिए जानते है की आखिर आप लोग किस किस टॉपिक के बारे में इस पोस्ट के माध्यम से जानने वाले है?

तो चलिए सो बेसिक्स से शुरू करते है।

तो सबसे पहले जान लेते है SEO का मतलब क्या होता है?

SEO का मतलब होता है सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन: और अगर डिटेल में बात करे तो SEO वह प्रक्रिया है जिसके इस्तेमाल से आप गूगल को ये इन्फॉर्म करते है की आपकी पोस्ट या पेज, इमेज किस बारे में इनफार्मेशन या प्रोडक्ट प्रोवाइड करता है। और इसी आधार पर आपकी पोस्ट, पेज या इमेज गूगल की लाइब्रेरी में रैंक करते है। इसके सही प्रयोग से पोस्ट या पेज टॉप में रैंक हो सकते है जो आपकी वेबसाइट या ब्लॉग पर ट्रैफ़िक लेन में मदद करती है।

तो चलिए जानते है की आखिर ये काम कैसे करता है?

अगर आप बिल्कुल नए है तो आपको बता दे की आपने लाइब्रेरी के बारे में सुना होगा जिसमे बहुत सारी अलग अलग टॉपिक्स पे किताबे रखी होती है और जो व्यक्ति जिस भी टॉपिक की किताब को पढ़ना चाहे वो उसे ढूंढ कर पढ़ सकता है। तो गूगल भी कुछ हद तक इसी फॉर्मूले पर काम करता है। गूगल की भी एक लाइब्रेरी होती है जिसमे वो दुनिया भर के अलग अलग टॉपिक्स पर लिखे वेबपेजेस को सेव करता है और जब भी कोई यूजर किसी विशेष कीवर्ड के लिए सर्च करता है तो वो उस कीवर्ड के आधार पर जो सबसे बेस्ट वेबपेज होता उसे टॉप पर दिखता है।

और इस चीज़ में SEO गूगल की पूरी हेल्प करता है और बताता है की ये वेबपेज इस कीवर्ड के लिए सही कंटेंट प्रोवाइड करता।

तो अब हम बात करेंगे की SEO क्यों यूज़ करे?

बहुत से बिज़नेस ऐसे है जो आज भी गूगल advertisement   सोशल मीडिया advertisement पर अटके हुए है जबकि वो गूगल से अच्छे ट्रैफिक ला सकते है

मेरे हिसाब से तीन ऐसे रीज़न है जिसकी वजह से SEO का यूज़ एक फायदेमंद बिज़नेस हो सकता है

तो जो पहला कारन है SEO को यूज़ करने का वो है। फ्री अनलिमिटेड ट्रैफिक

दूसरा कारन है अगर आपकी वेबसाइट टॉप में रैंक कर जाती है तो आपके वेबसाइट पर कंसिस्टेंट ट्रैफिक आता रहेगा।

और तीसरा कारन है की आप डायरेक्ट उस ऑडियंस तक पहुंच सकते है जो आपके प्रोडक्ट या इनफार्मेशन के बारे में सर्च कर रहा होता है। और इस माध्यम से आप अपने प्रोडक्ट या इनफार्मेशन को सेल भी कर सकते है।

अक्टूबर 2019 में एक रिपोर्ट आयी थी जिसके मुताबिक वर्ल्डवाइड 4.39 बिलियन इंटरनेट यूजर है जिसमे से 4 बिलियन यूजर गूगल के है जो गूगल को यूज़ करके सर्च करते रहते है। तो आप समझ सकते है की कितना बड़ा बिज़नेस आप SEO को यूज़ करके ला सकते है।

अब बात करते है की आखिर गूगल काम कैसे करता है।

तो गूगल दो पार्ट्स में काम करता है

पहला क्रॉलिंग और इंडेक्सेशन। इस प्रक्रिया के तहत गूगल पेजेज को सर्च करता है और यूज़ इंडेक्स करता है।

गूगल इनफार्मेशन पाने के लिए क्रॉलर्स का यूज़ करता है इसे स्पाइडर्स भी कहते है जो पूरी दुनिया में पब्लिक्ली अवेलेबल urls से इनफार्मेशन कलेक्ट करता है। क्रॉलर्स नोन यूआरएल को क्रॉल करते है। इस प्रक्रिया को सीड्स भी कहते है और जब ये प्रक्रिया होती है तो ह्यपरलिंकेड पेजेज को भी क्रॉल कर देते है जो नए होते है और रैंक नहीं होते है। और इस तरह से ये प्रक्रिया चलती रहती है और क्रॉलिंग के बाद ये क्रॉलर्स गूगल के सर्वर में इस डाटा को लाते है और इंडेक्सेशन होता रहता है इसलिए अपने पेज या पोस्ट आपको रिलेटेड पोस्ट या पेज को हाइपरलिंक करना बेहद जरुरी होता है।

दूसरा पार्ट है गूगल अल्गोरिथ्म्स : गूगल में रैंक करने के 100 से ज्यादा फैक्टर्स होते है ये अपने अल्गोरिथ्म्स में हर साल 500 से 600 बार चेंज करते है सो अगर कहा जाये तो ये को नहीं बता सकता की आखिर गूगल अल्गोरिथम कैसे काम करता है लेकिन गूगल हमे क्लू और गाइड लाइन्स देता है जिससे हम इम्पोर्टेन्ट फैक्टर्स को समझ सके। इसके अलावा बहुत सारी थर्ड पार्टी कम्पनीज है जो रिसर्च करती रहती है जिससे गूगल के काम करने के तरीके को समझा जा सके।

तो दोस्तों हम कुछ इम्पोर्टेन्ट फैक्टर्स के बारे में बात करने वाले है जो आपके पेजेज को रैंक करने में मदद करेगा और ये बिगिनर्स के लिए बहुत ही आवश्यक है।

तो पहला फैक्टर है बैकलिंक : बैकलिंक होता क्या है

जब किसी वेबसाइट पर किसी दूसरे वेबसाइट के लिंक को ऐड किया जाता है तो ऐसे लिंक बैकलिंक कहलाते है। और गूगल की नजरो में बैकलिंक का मतलब होता है की जो भी इनफार्मेशन आपकी वेबसाइट दे रही है वो एक ट्रस्टेड इनफार्मेशन है।  अगर हम इसे वोट की तरह compare करे तो जितने ज्यादा बैकलिंक आपकी वेबसाइट को मिलेगा उतनी ज्यादा आपकी वेबसाइट गूगल की नजरो में स्ट्रांग होगी। है लेकिन एक चीज़ का डिफरेंस भी है आपकी वेबसाइट को मिलने वाले लिंक क्रेडिबल और गुड बैकलिंक होने चाहिए जाइए आप इंडिया के नागरिक है तो आप सिर्फ इंडिया में वोट कर सकते वैसे ही बैकलिंक भी अगर रिलेटेड वेब्सीटेस से मिलता है तो गूगल की नजरो में आपकी वेबसाइट ज्यादा ट्रस्टेड होगी।

इसके अलावा बैकलिंक स्ट्रेटेजी को पूरी तरह से टेस्ट किया गया है और स्ट्रांग बैकलिंक वाली वेबसाइट पर आर्गेनिक ट्रैफिक बढ़ जाता है।

अब दूसरा फैक्टर है सर्च इंटेंट

सर्च इंटेंट यूजर के सर्च क्वेरी के बारे में बताता है। और गूगल का मैं काम होता है की किसी सर्च क्वेरी के लिए मोस्ट रिलेवेंट रिजल्ट देना।

तो अगर आप गूगल में best seo tips for 2021 सर्च करते है तो आपको बहुत सारे रिजल्ट मिलते है और आप सबमे एक कॉमन कीवर्ड best seo tips जरूर देखेंगे तो अगर आपको इसके लिए रैंक करना है तो आपको best seo tips को अपने कंटेंट और कीवर्ड में यूज़ करना होगा जिससे की गूगल समझ सके और आपकी वेबपेज को रिजल्ट में दिखा सके। अगर हम यहाँ सर्च को बदल देते है और best seo tools के बारे में सर्च करते है तो रिजल्ट बदल जाता है और आप सभी रिजल्ट में best seo tools जरूर देखेंगे तो आप अगर इस टॉपिक पर रैंक करना चाहते है तो इस कीवर्ड को जरूर यूज़ करें।

तीसरा फैक्टर है कंटेंट डेप्थ

सर्च इंजन कंप्यूटर प्रोग्राम से बने होते है इसलिए वो हमारे और आपकी तरह वर्ड्स को समझ नहीं सकते लेकिन एक कंटेंट क्रिएटर के तौर पर हमारी रिस्पांसिबिलिटी होती है की हम कंटेंट को सब्जेक्ट के कोटेक्सट में लिखे और एक्सएक्ट इनफार्मेशन प्रोवाइड करे।

अगर हम how to drive a car के बारे में सर्च करते है तो हमे जो टॉप रिजल्ट मिलता है उसमे आपको सीटबेल्ट लगाने के बारे में बताया जाता है। गैस और ब्रेक पड़ले के बारे में जानने के बारे में बताया जाता है। सीट एडजस्टमेंट और मिरर के बारे में बताया जाता है। मुख्य रूप से एक कंटेंट क्रिएटर को सर्च करने वाली क्वेरी को सही तरीके से आंसर करना होता है। और यही कंटेंट डेप्थ होता है।

बहुत से लोगो का मानना है की कंटेंट का लेंथ बड़ा होना चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है अगर सर्च करे की how to switch on mobile तो इसका आंसर क्या होना चाहिए। ये आप कमेंट में बताना दो दो दोस्तों इस वीडियो अगर वीडियो हेल्पफुल लगे तो चैनल को सब्सक्राइब कर दो और वीडियो को लिखे एंड शेयर कर दो तो हम मिलेंगे नेक्स वीडियो में What are keywords में।